Sat Bhakti se Mukti
मोक्ष जन्म और मरण के चक्र से मुक्त होने अलावा सर्वशक्तिमान बन जाना है। हिन्दू धर्म अनुसार धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष में से मोक्ष प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का अंतिम लक्ष्य माना गया है। अधिकतर लोग अर्थ और काम में उलझकर ही मर जाते हैं। कभी जिंदा थे मरते वक्त इसका पता चलता है। आओ जानते हैं मोक्ष प्राप्त करने के लिए सतभक्ती को पहचाने, जिनसे से किसी एक पर चलकर आपको भी मिलेगा मोक्ष। प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी प्रकार की मुक्ति चाहता है। बंधनों से मुक्ति या दुखों से मुक्ती। आर्थिक परेशान से मुक्ति या दिमागी उलझनों से मुक्ति।... आप मनुष्य बन गए इसीलिए क्योंकि आप किसी अन्य पशु या पक्षी के शरीर में होने से मुक्ति होना चाहते थे। मनुष्य होने का मतलब यह है कि आप पशु या पक्षी की योनी से मुक्त हैं। इस तरह मनुष्य से आगे भी जहां और है। संपूर्ण दुखों से छुटकारा पाकर सतलोक को प्राप्त करना।... भगवान के विधान को तोड़ने पर व सतभक्ति न करने पर विपत्ति आती हैं। आज इसका जीता जागता उदाहरण दुनिया देख रही है। अभी भी वक्त है संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा लेकर अपना जीवन सफ...