कोरोना एक ऐसी महामारी हे जो दुनिया भर मे फेल चुकि हे एक लापरवाही नै पुरे देश को खतरे मे डाल दिया हे ओर लाखो लोगो कि जान जा चुकि हे ओर हमे सावधानी रखनी हे घर मे रहे सुरक्षित रहे हाथ धोते रहे सावधान रहे
गुरु - गोविंद गुरु यानी शिक्षक की महिमा अपार है। उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। वेद, पुराण, उपनिषद, गीता, कवि, सन्त, मुनि आदि सब गुरु की अपार महिमा का बखान करते हैं। शास्त्रों में ‘गु’ का अर्थ ‘अंधकार या मूल अज्ञान’ और ‘रू’ का अर्थ ‘उसका निरोधक’ बताया गया है, जिसका अर्थ ‘अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला’ अर्थात अज्ञान को मिटाकर ज्ञान का मार्ग दिखाने वाला ‘गुरु’ होता है। गुरु को भगवान से भी बढ़कर दर्जा दिया गया है। सन्त कबीर कहते हैं:- गुरु गोबिंद दोऊ खड़े, का के लागूं पाय। बलिहारी गुरु आपणे, गोबिंद दियो मिलाय।। अर्थात, गुरु और गोविन्द (भगवान) एक साथ खड़े हों तो किसे प्रणाम करना चाहिए, गुरु को अथवा गोबिन्द को ? ऐसी स्थिति में गुरु के श्रीचरणों में शीश झुकाना उत्तम है, जिनकी कृपा रूपी प्रसाद से गोविन्द का दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ इसके साथ ही संत कबीर गुरु की अपार महिमा बतलाते हुए कहते हैं: सतगुरु सम कोई नहीं, सात दीप नौ खण्ड। तीन लोक न पाइये, अरु इकइस ब्रह्मणड।। अर्थात, सात द्वीप, नौ खण्ड, तीन लोक, इक्कीस ब्रहाण्डों में सद्गुरु के समान...
Is it right to celebrate Diwali क्यो ओर कैसे मनाते है दिवाली का त्यौहार --:-- हम दिपावली श्रीराम जी के वनवास से लौटने की खुशी मे मनाई जाती है । मंथरा के गलत विचारों से पीडित होकर भरत की माता कैकेई श्रीराम को उनके पिता दशरथ से वनवास भेजने के लिए वचनबद्ध कर देती है। ऐसे श्रीराम अपने पिता के आदेश को सम्मान मानते हुए माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ 14 वर्ष के वनवास के लिए निकल पड़ते है । Diwali वही वन में रावण माता सीता का छल से अपहरण कर लेता है। राम जी ने हनुमानजी द्वारा संधि प्रस्ताव भेज कर सीता जी को लौटाने को कहा था परंतु दुष्ट रावण न माना! तब राम जी ने वानर सेना कि मदद और मुनिंदर ऋषि जी के आशीर्वाद से रावण को युद्ध में मारकर सीता जी को जीता था। सीता की अग्निपरिक्षा ली थी जिसमे सीता जी पास हुई थी । यह त्रेतायुग की बात हे जब राम जी सीता जी की परीक्षा लेकर अयोध्या लौटे थे । तब वह दोनो चौदह बरस का वनवास भोग चुके थै। अयोध्या मे उनके लौटने पर खुशी कि लहर दौड पडी कि अयोध्या नगरी को अब उनका नरेश वापस मिलेगा । उनके घर लौटने की खुशी मे नगरी को दिपो की रोशनी मे ज...
1. बॉलीवुड कितना ठीक है। :- बॉलीवुड एक ऐसा स्तर है। जहाँ पर अपनी कलाकारी योग्यता बताने का अवसर प्राप्त होता हे। जिससे अपनी पहचान बना सकते हैं। 2. बॉलीवुड से दुष्प्रभाव। :- बॉलीवुड से समाज में असलीलता फैलती है। जिससे आज के युवा लड़के तथा लड़कियों पर बहुत ज्यादा असर करता हे। जिससे समाज में अश्लीलता को बडावा मिलता है। Bollywood अतः-- जैसे, छोटे कपडें , अश्लील-दृश्य, कटे-फटे कपड़े , जिससे युवाओंं पर अत्यधिक दुष्प्रभाव पड़ता है। 3. बॉलीवुड से हानि । :- बॉलीवुड से अत्यधिक समय तथा पैसों का खर्च होता हैं। जिससे घर में परेशानीया उत्पन्न होती हैं। आज का युवा अपना किम्मती समय फिल्म देखने में व्यर्थ कर लेते हे। हकीकत में तो मनुष्य जीवन राम-नाम के लिए मिला है। जो मानव व्यर्थ कर रहा है। 4. अनमोल मानव जीवन मनुष्य अपना मानव जीवन समाज कि अन्य सांसारिक क्रियाओं में गवा देता है। तथा अपने मनुष्य को मानव जीवन सतभक्ति करने के लिए मिला हैं। परमात्मा कहते हे :- मनुष्य जन्म दुर्लभ हे । मिले न बारंबार । तरुतर से पता टुट गिरे , बहुर न लग...
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